Monday, January 15, 2018

488. न मंदिर को न मस्जिद को (मुक्तक)

488. न मंदिर को न मस्जिद को (मुक्तक)

न मंदिर को, न मस्जिद को, न छोड़ा चर्च गुरुद्वारा।
बजायीं   घंटियां  जाकर,  कई  मंत्रों  को  उच्चारा।
गरीबी आजतक  हमरी, जरा भी कम  न हो पायी।
धरम के  ठेकेदारों  सँग,  लगाया   रोज  जयकारा।

रणवीर सिंह 'अनुपम'
15.01.2018
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488. न मंदिर को न मस्जिद को (मुक्तक)

न मंदिर को, न मस्जिद को, न छोड़ा चर्च गुरुद्वारा।
बजायीं   घंटियां  जाकर,  कई  मंत्रों  को  उच्चारा।
गरीबी है  कि  रत्तीभर, न हमरी कम  है' हो  पायी।
धरम के इन  दलालों का, लगाया  रोज  जयकारा।

रणवीर सिंह 'अनुपम'
15.01.2018
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