466. इकतारा गहि हाथ में (कुण्डलिया)
इकतारा गहि हाथ में, माँ ले रही अलाप।
बेटा समझा भूख से, माता करे विलाप।
माता करे विलाप, चुप नहीं जब कर पाया।
सोचा भागा उठा, टॉफियों को ले आया।
लिए झुनझुना हाथ, ताकता मुख बेचारा।
माँ रियाज़ में लीन, हाथ में ले इकतारा।
रणवीर सिंह 'अनुपम'
12.12.2017
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