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654. बंद उर के इन पटों को (मुक्तक)
बंद उर के इन पटों को खटखटाता कौन है? बेहताशा हसरतें मन में जगाता कौन है? कौन है जो बिन बुलाए आ धमकता द्वार पर? नित नये सपने दिखाकर लौट जाता कौन है?
रणवीर सिंह 'अनुपम' 26.11.2018 *****
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