सदा अपनी हथेली पर मैं' अपने प्रान रखता हूँ।
हमेशा हिंद की खातिर, ये' जिस्मो-जान रखता हूँ।
अरे औकात क्या तेरी, करे जो सामना मेरा।
जो' सीखा हूँ बड़ों से मैं, उसी का मान रखता हूँ।।
हमेशा हिंद की खातिर, ये' जिस्मो-जान रखता हूँ।
अरे औकात क्या तेरी, करे जो सामना मेरा।
जो' सीखा हूँ बड़ों से मैं, उसी का मान रखता हूँ।।
रणवीर सिंह (अनुपम)
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