Saturday, February 17, 2018

519. कलुआ मलुआ से कहे (कुण्डलिया)

519. कलुआ मलुआ से कहे (कुण्डलिया)

कलुआ मलुआ से कहे, मिलियो है इक काम।
रुपया  मिलिहैं  रोज  सौ,  बुलवें   है  श्रीराम।
बुलवें   है   श्रीराम,  जोर   से   है   चिल्लाना।
पकड़   तिरंगा  हाथ,  रोज  उत्पात   मचाना।
वैसे  भी  बिन  काम,  यार   बैठे   हैं  ठलुआ।
चलो यही कर लेंय, कहे  मलुआ  से कलुआ।

रणवीर सिंह 'अनुपम'
17.02.2018
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मिलियो -मिल गया;
ठलुआ-बेकार, बिना काम के

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