महलों ने हरदम करी, झोपड़ियों से घाट।
ला छोड़ा फुटपाथ पर, कर दिया बारहबाट।
कर दिया बारहबाट, तरक्की में ये रोड़ा।
खाए कफ़न, पहाड़, खदान नहीं कुछ छोड़ा।
सरकारी लुटपाट, करी कब खपरैलों ने।
हरदम लूटा देश, गगनचुंबी महलों ने।
रणवीर सिंह 'अनुपम'
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