777. मिल गए तो मिलन कर लो (मुक्तक)
मिल गए तो मिलन कर लो स्वीकार तुम, हाथ को छोड़कर अब न जाना कहीं।
पूछकर देख लो अपने दिल से प्रिये, मैं यहीं था अभी भी यहीं हूँ यहीं।
तुम ही हो आस में, तुम ही विश्वास में, तुम ही अहसास में तुम हो हर साँस में।
मेरे तन-मन में तुम, मेरे जीवन में तुम, कौन सी है जगह जिसमें तुम हो नहीं।
रणवीर सिंह 'अनुपम'
09.06.2019
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