Sunday, June 19, 2016

255. पिता पर्वत सा होता है (मुक्तक)

255. पिता पर्वत  सा' होता है (मुक्तक)

पिता पर्वत-सा  होता  है, पिता  प्राचीर-सा  होता।
पिता  पुरुषार्थ  होता है, पिता  तक़दीर-सा होता।
पिता घर  की  व्यवस्था  है,  पिता  घर  की सुरक्षा है।
पिता एक ढाल-सा होता, पिता शमशीर-सा होता।

रणवीर सिंह 'अनुपम'
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