आश्चर्य नहीं होगा जो कल नए नारे का अन्वेषण "जय श्रीराम" की जगह "जय भीम जय भारत जय श्रीराम" हो जाय। पर लाख टके का सवाल यह है कि क्या राम और भीमराव के आचरण से हम कुछ सीख सके।
भीम-राम पर आजकल, छिड़ा हुआ संग्राम।
छिड़ा हुआ संग्राम, लगें इनके जयकारे।
राजनीत को आज, दिखें ये तारनहारे।
गर्व-दर्प, सम्मान, बिके सब बिना भाव के।
चरणों में हैं पड़े, आज सब भीमराव के।
29.03.2018
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