Tuesday, September 10, 2019

834. उन ग्रंथों में है क्या धरा (मुक्तक)

834. उन ग्रंथों में कुछ नहीं धरा (मुक्तक)


उन ग्रंथों में कुछ नहीं धरा, जो ऊँचनीच की बात करें।

जो चतुर्वर्ण के पोषक हैं, जो छुआछूत की बात करें।

जो एक को ईश्वर सम मानें, जो एक को पशु से भी बदतर,

जो मानवता का दम्भ भरें, जो दानवता की बात करें।


रणवीर सिंह 'अनुपम'

19.09.2019

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