Wednesday, August 08, 2018

586. सिंधु-से गहरे नशीले (शेर)

586. सिंधु-से गहरे नशीले (शेर)

सिंधु - से   गहरे   तुम्हारे,   चक्षुओं   में   डूबकर,
पा लिया अमृत्व  फिर, निर्जीव तट का क्या करें।

रणवीर सिंह 'अनुपम'
08.08.2018

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