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586. सिंधु-से गहरे नशीले (शेर)
सिंधु - से गहरे तुम्हारे, चक्षुओं में डूबकर, पा लिया अमृत्व फिर, निर्जीव तट का क्या करें।
रणवीर सिंह 'अनुपम' 08.08.2018
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